खैरागढ़. खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में जनसमस्याओं को लेकर कांग्रेस ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया. विधायक हर्षिता बघेल, पूर्व विधायक भुनेश्वर बघेल, कांग्रेस पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने खैरागढ़ मुख्य मार्ग पर चक्काजाम किया. करीब दो घंटे तक हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा. कांग्रेस ने तीन मांगों को प्रमुखता से उठाया.
जानिए क्या है मांगे ?
- खपरी सिरदार से ढारा के नितिन चौक तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रस्तावित करीब 12 किलोमीटर सड़क का तत्काल निर्माण कराया जाए.
- अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाकर बढ़े हुए बिजली बिलों से उपभोक्ताओं को राहत दी जाए, और स्मार्ट मीटर लगाना बंद किया जाए.
- किसानों को उचित मूल्य पर समय पर खाद उपलब्ध कराई जाए.
40 ट्रैक्टरों के साथ निकाली रैली
आंदोलन की शुरुआत ग्राम खपरी सिरदार से हुई, जहां से करीब 40 ट्रैक्टरों के काफिले के साथ कांग्रेस नेताओं और ग्रामीणों ने रैली निकाली. यह रैली भंडारपुर होते हुए ढारा के नितिन चौक पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने डोंगरगढ़-खैरागढ़-कवर्धा मुख्य मार्ग पर बैठकर चक्काजाम कर दिया. प्रदर्शन के चलते सड़क के दोनों ओर भारी वाहनों और यात्री बसों की लंबी कतारें लग गईं तथा राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र की सड़कें बदहाल हैं, किसान खाद के लिए भटक रहे हैं और लगातार बिजली कटौती से आम जनता परेशान है, लेकिन सरकार इन मूलभूत समस्याओं के समाधान के बजाय केवल घोषणाओं तक सीमित है, स्थिति देखते हुए खैरागढ़ और डोंगरगढ़ से प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे.
अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर उनका ज्ञापन लिया और लिखित आश्वासन दिया कि डोंगरगढ़-खैरागढ़ सड़क के मरम्मत कार्य की शुरुआत परसों से कराई जाएगी. इसके बाद कांग्रेस ने अपना चक्काजाम समाप्त कर दिया. इस प्रकार का सड़क जाम स्थानीय स्तर पर प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रमुख माध्यम बनता रहा है.
Author: Khabri Chai
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