रायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर ने मरीजों की सुविधा और अस्पताल की कार्यप्रणाली को अधिक आधुनिक, तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब ओपीडी में इलाज कराने आने वाले मरीजों को लैब जांच के लिए डॉक्टर की प्रिंटेड पर्ची लेकर लैब तक जाने की जरूरत नहीं होगी। एम्स ने नई पेपरलेस डिजिटल लैब टेस्ट रिक्वेस्ट प्रणाली लागू कर दी है, जिससे जांच प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल, तेज और व्यवस्थित हो जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत डॉक्टर जैसे ही अपने कंप्यूटर सिस्टम में मरीज के लिए किसी लैब जांच की ऑनलाइन रिक्वेस्ट दर्ज करेंगे, उसकी जानकारी तुरंत लैब के डिजिटल सिस्टम तक पहुंच जाएगी। इसके बाद मरीज सीधे डोम-1 स्थित फलेबोटोमी जोन पहुंचकर अपना सैंपल दे सकेंगे। इससे मरीजों को अलग-अलग काउंटरों के चक्कर लगाने और पर्ची संभालकर रखने की परेशानी से राहत मिलेगी।
अब ऐसे होगी पूरी जांच प्रक्रिया
नई डिजिटल व्यवस्था में डॉक्टर द्वारा ऑनलाइन टेस्ट रिक्वेस्ट दर्ज करने के बाद मरीज को किसी प्रकार की प्रिंटेड पर्ची नहीं दी जाएगी। मरीज सीधे फलेबोटोमी जोन पहुंचेंगे, जहां उनका रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। इसके बाद सिस्टम से बारकोड जनरेट होगा और उसी के आधार पर ब्लड या अन्य आवश्यक सैंपल लिए जाएंगे। यह बारकोड सीधे मरीज की जांच से जुड़ा होगा, जिससे किसी भी प्रकार की त्रुटि या पर्ची खोने जैसी समस्या की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।

डोम-1 में मिलेगी सभी सैंपल कलेक्शन की सुविधा
एम्स प्रशासन के अनुसार, डोम-1 स्थित फलेबोटोमी जोन को सभी प्रकार के लैब सैंपल कलेक्शन का केंद्रीय केंद्र बनाया गया है। यहां ब्लड सहित अन्य आवश्यक सैंपल एकत्र किए जाएंगे। इससे सैंपल कलेक्शन की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित होगी, भीड़ का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा और मरीजों का प्रतीक्षा समय भी कम होगा।
अस्पताल का मानना है कि पेपरलेस व्यवस्था लागू होने से न केवल मरीजों को सुविधा मिलेगी, बल्कि कागज की खपत भी घटेगी और अस्पताल की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी व पर्यावरण अनुकूल बनेगी।
बच्चों के लिए विशेष चाइल्ड-फ्रेंडली सैंपल कलेक्शन रूम
एम्स रायपुर ने बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डोम-1 में एक चाइल्ड-फ्रेंडली सैंपल कलेक्शन रूम भी तैयार किया है। यहां ऑडियो-वीडियो मनोरंजन की व्यवस्था की गई है ताकि सैंपल देते समय बच्चों का डर और घबराहट कम हो सके। इस पहल का उद्देश्य जांच प्रक्रिया को बच्चों के लिए सहज और तनावमुक्त बनाना है।
अस्पताल प्रशासन ने बताया बड़ा बदलाव
एम्स रायपुर के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल ने कहा कि संस्थान लगातार डिजिटल तकनीकों को अपनाकर मरीजों को बेहतर, सरल और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से मरीजों का समय बचेगा और अस्पताल की सेवाओं में पारदर्शिता तथा दक्षता बढ़ेगी।
वहीं, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट प्रो. (डॉ.) डी.के. त्रिपाठी ने बताया कि एम्स में प्रतिदिन हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में पेपरलेस लैब टेस्ट सिस्टम से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी और अस्पताल की कार्यप्रणाली पहले से अधिक तेज, व्यवस्थित और प्रभावी होगी। नई डिजिटल व्यवस्था मरीजों के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
Author: Khabri Chai
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