रायपुर। राजधानी रायपुर के संजय नगर में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के मामले की एसआईटी जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, मृतक साजिद अली सट्टेबाजी के कारण भारी आर्थिक संकट में फंस गया था। कर्ज और लगातार बढ़ते दबाव ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया था। पुलिस अब इस पूरे मामले की कई पहलुओं से जांच कर रही है।

सट्टेबाजी के चलते 16 लाख का कर्ज, सूदखोरों का बढ़ता दबाव
एसआईटी की शुरुआती जांच में पता चला है कि साजिद अली ने सट्टेबाजी में हुए नुकसान की भरपाई के लिए बाजार से करीब 16 लाख रुपये ऊंची ब्याज दर पर उधार लिए थे। समय पर रकम वापस नहीं कर पाने के कारण कर्जदाता लगातार उस पर दबाव बना रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ लोग उसके घर पहुंचकर पैसे की वसूली और धमकी भी देते थे।
पुलिस पारिवारिक विवाद के एंगल से भी कर रही जांच
आर्थिक संकट के अलावा एसआईटी पारिवारिक कलह और आपसी विवाद की संभावना को भी खंगाल रही है। जांच टीम परिवार के रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।
पत्नी और बच्चों को जहर देने के बाद खुद की आत्महत्या
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच में अब तक यह सामने आया है कि साजिद अली ने पहले अपनी पत्नी राबिया, बेटे इरशाद, बेटी शाहिदा बेगम और इरशाबा परवीन को जहर दिया। इसके बाद वह पूरी रात शवों के पास बैठा रहा। हत्या की घटना के लगभग नौ घंटे बाद उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
मोबाइल जांच में मिले दो संदिग्ध नंबर
तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को साजिद अली के मोबाइल फोन से दो संदिग्ध मोबाइल नंबर मिले हैं। जांच में पता चला है कि इन नंबरों पर उसकी लगातार बातचीत होती थी। 17 जुलाई की रात भी इन दोनों नंबरों पर उसकी लंबी बातचीत दर्ज हुई, जबकि 18 जुलाई की रात घर से पांचों शव बरामद किए गए। घटना के बाद से दोनों मोबाइल नंबर बंद हैं और पुलिस उनकी लोकेशन व संबंधित लोगों की तलाश में जुटी हुई है।
एक साल से बंद था काम, फिर भी चलता रहा घर का खर्च
जांच में यह भी सामने आया है कि साजिद अली बैटरी निर्माण का विशेषज्ञ था, लेकिन उसने पिछले करीब एक वर्ष से काम करना बंद कर दिया था। इसके बावजूद परिवार का खर्च लगातार चलता रहा। पुलिस उसके बैंक खाते और मोबाइल डेटा की जांच कर रही है, जिसमें सट्टेबाजी से जुड़े अहम सुराग मिले हैं।
आईपीएल के दौरान खाते में मिले संदिग्ध लेन-देन
पुलिस जांच में साजिद अली के बैंक खाते में आईपीएल सीजन के दौरान लगातार वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड मिले हैं। अधिकारियों का मानना है कि ये लेन-देन सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल बैंकिंग ट्रांजेक्शन, मोबाइल रिकॉर्ड और संदिग्ध संपर्कों की गहन जांच जारी है।
जांच जारी, कई पहलुओं पर जुटी एसआईटी
एसआईटी इस मामले में आर्थिक लेन-देन, सट्टेबाजी नेटवर्क, संदिग्ध मोबाइल नंबरों और पारिवारिक परिस्थितियों सहित सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
Author: Khabri Chai
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