रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी स्कूलों की परीक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से 12वीं तक की तिमाही और अर्धवार्षिक परीक्षाएं अब एक ही तारीख पर आयोजित की जाएंगी। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने इसके लिए परीक्षा कार्यक्रम और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
अब तक अलग-अलग जिलों में स्थानीय स्तर पर सुविधानुसार परीक्षा तिथियां तय की जाती थीं, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद पूरे प्रदेश के सभी जिलों में एक समान समय-सारणी के अनुसार परीक्षाएं आयोजित होंगी। सरकार का मानना है कि इससे परीक्षा प्रणाली में एकरूपता आएगी और मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी।
हर जिले में बनेगी जिला स्तरीय परीक्षा समिति
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय परीक्षा समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति परीक्षा संचालन से लेकर प्रश्नपत्र तैयार कराने और मूल्यांकन तक की पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी संभालेगी।
समिति की अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) करेंगे। इसके अलावा समिति में सहायक संचालक (प्रशासन), वरिष्ठ प्राचार्य, विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO), संकुल समन्वयक तथा प्रधान पाठक को सदस्य बनाया जाएगा।
विषय विशेषज्ञ तैयार करेंगे प्रश्नपत्र
DPI के निर्देशानुसार जिला स्तरीय समिति विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की मदद से गोपनीय प्रश्नपत्र तैयार कराएगी। परीक्षा शुरू होने से दो दिन पहले प्रश्नपत्र विकासखंड और संकुल स्तर पर सुरक्षित तरीके से उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि समय पर सभी स्कूलों तक पहुंच सकें।
समिति की प्रमुख जिम्मेदारियां
नई परीक्षा समिति को कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिनमें शामिल हैं—
निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार प्रश्नपत्र तैयार कराना।
प्रश्नपत्र की गुणवत्ता और गोपनीयता सुनिश्चित करना।
परीक्षा से दो दिन पहले प्रश्नपत्रों का वितरण करना।
उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराना।
विद्यार्थियों के प्राप्तांक, परिणाम और रिकॉर्ड का सुरक्षित संधारण करना।

प्रश्नपत्रों की छपाई को लेकर भी चर्चा
शिक्षा विभाग में इस बात की भी चर्चा है कि इस बार प्रदेश के सभी जिलों के प्रश्नपत्रों की छपाई का कार्य एक ही फर्म को दिए जाने की तैयारी है। माना जा रहा है कि इसी वजह से पूरे प्रदेश में एक साथ परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है, ताकि प्रश्नपत्रों की छपाई और वितरण की प्रक्रिया एक समान तरीके से संचालित की जा सके।
पिछले साल अंकसूचियों में हुई थीं गड़बड़ियां
गौरतलब है कि पिछले शिक्षा सत्र में भी इसी फर्म ने कक्षा पांचवीं और आठवीं की केंद्रीकृत परीक्षा सहित अन्य परीक्षाओं के प्रश्नपत्र और अंकसूचियों की छपाई का काम किया था। उस दौरान कई विद्यार्थियों की अंकसूचियों में त्रुटियां सामने आई थीं। कई मामलों में अंकों की गड़बड़ी और रिकॉर्ड संबंधी शिकायतें अब तक पूरी तरह दूर नहीं हो सकी हैं। ऐसे में इस बार नई व्यवस्था को लेकर अभिभावकों और शिक्षकों की नजरें विभाग की तैयारियों पर टिकी हैं।
नई व्यवस्था से परीक्षा प्रणाली में एकरूपता और पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन प्रश्नपत्रों की छपाई, समय पर वितरण और रिकॉर्ड प्रबंधन को लेकर शिक्षा विभाग के सामने बड़ी जिम्मेदारी भी होगी।
Author: Khabri Chai
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