रायपुर। राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 का परिणाम जारी होने के बाद छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की चयन प्रक्रिया और मूल्यांकन व्यवस्था को लेकर अभ्यर्थियों में असंतोष सामने आया है। परिणाम से असंतुष्ट कई अभ्यर्थी आयोग कार्यालय पहुंचे और मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने वर्तमान परिणाम को स्थगित कर नई चयन सूची जारी करने की मांग भी उठाई है

अभ्यर्थियों ने गुरुवार को राज्यपाल, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग और नेता प्रतिपक्ष को ज्ञापन भेजकर चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। अभ्यर्थियों का कहना है कि उत्तर पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन होने से यदि किसी योग्य उम्मीदवार के साथ मूल्यांकन के स्तर पर कोई अन्याय हुआ है, तो उसे दूर किया जा सकेगा।
265 पदों के मुकाबले 608 अभ्यर्थियों का चयन
राज्य सेवा परीक्षा 2025 के तहत विभिन्न विभागों और सेवाओं में कुल 265 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। मुख्य परीक्षा के परिणाम के बाद आयोग ने 608 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए चयनित किया है।
अब अभ्यर्थियों ने चयनित उम्मीदवारों की संख्या को लेकर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि यदि पदों के मुकाबले तीन गुना अभ्यर्थियों को साक्षात्कार का अवसर दिया जाना है, तो 265 पदों के लिए 795 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना चाहिए।
इसी आधार पर अभ्यर्थियों ने मौजूदा चयन सूची पर पुनर्विचार करने और साक्षात्कार के लिए उम्मीदवारों की संख्या बढ़ाकर 795 करने की मांग की है।
उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की मांग
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन को लेकर है। उन्होंने सभी प्रश्नपत्रों की कॉपियों की दोबारा जांच कराने का आग्रह किया है।
अभ्यर्थियों का तर्क है कि मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर और मूल्यांकन प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी उम्मीदवारों के साथ समान और निष्पक्ष तरीके से मूल्यांकन हो।
उनका कहना है कि यदि मूल्यांकन के दौरान किसी स्तर पर गलती या विसंगति रह जाती है तो इसका सीधा असर अभ्यर्थी के प्राप्तांक, मेरिट और इंटरव्यू के अवसर पर पड़ सकता है। इसलिए अंतिम चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाने से पहले उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच जरूरी है।
3,921 उम्मीदवारों ने दी थी मुख्य परीक्षा
CGPSC राज्य सेवा परीक्षा 2025 की प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम के आधार पर कुल 3,921 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए पात्र घोषित किया गया था।
मुख्य परीक्षा का आयोजन 6 से 9 जून 2026 के बीच किया गया था। परीक्षा के बाद आयोग ने परिणाम जारी किया, जिसमें 608 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए चयनित किया गया।
अब परिणाम जारी होने के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने चयन सूची और मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आयोग से स्पष्टीकरण की मांग की है।
तीन गुना उम्मीदवारों को इंटरव्यू का मौका देने की मांग
अभ्यर्थियों की ओर से सबसे ज्यादा जोर इस बात पर दिया जा रहा है कि 265 पदों के मुकाबले तीन गुना उम्मीदवारों को इंटरव्यू में शामिल किया जाए।
उनका कहना है कि यदि तीन गुना चयन का प्रावधान लागू किया जाता है तो 265 पदों के लिए 795 अभ्यर्थियों का चयन होना चाहिए। मौजूदा सूची में 608 उम्मीदवारों के चयन को लेकर वे स्पष्टता चाहते हैं।
हालांकि, इस संबंध में आयोग के नियमों और संबंधित विज्ञापन में निर्धारित प्रावधानों की आधिकारिक स्थिति महत्वपूर्ण होगी। अभ्यर्थियों की मांग पर अंतिम निर्णय आयोग की प्रक्रिया और नियमों के आधार पर ही होगा।
अभ्यर्थियों ने कहा- उद्देश्य आयोग पर आरोप लगाना नहीं
अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य CGPSC की कार्यप्रणाली पर सीधे आरोप लगाना नहीं है। वे केवल चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित किए जाने की मांग कर रहे हैं।
उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने वाले हजारों उम्मीदवारों के भविष्य का सवाल होता है। ऐसे में मूल्यांकन और चयन प्रक्रिया को लेकर किसी भी तरह की शंका होने पर उसे दूर किया जाना जरूरी है।
अभ्यर्थियों का मानना है कि यदि उत्तर पुस्तिकाओं की जांच और चयन प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी जाती है तो उम्मीदवारों का आयोग पर भरोसा और मजबूत होगा।
अब आयोग के जवाब का इंतजार
ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर CGPSC की ओर से आने वाले जवाब पर है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि आयोग 608 उम्मीदवारों के चयन, तीन गुना उम्मीदवारों के चयन से जुड़े नियम और उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की मांग पर अपना पक्ष स्पष्ट करे।
फिलहाल मामला अभ्यर्थियों की मांग और आयोग की आगामी कार्रवाई के बीच है। यदि आयोग की ओर से पुनर्मूल्यांकन या चयन सूची में बदलाव को लेकर कोई निर्णय लिया जाता है, तो उसका सीधा असर राज्य सेवा परीक्षा 2025 की आगे की चयन प्रक्रिया पर पड़ सकता है।
अब देखना होगा कि CGPSC अभ्यर्थियों की इन मांगों पर क्या रुख अपनाता है और साक्षात्कार की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ती है या चयन सूची को लेकर कोई नया फैसला सामने आता है।
Author: Khabri Chai
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