रायगढ़ जिले के माधोपाली स्थित लातनाला पुल हादसे में तीन दिन तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद बुधवार को बड़ा खुलासा हुआ। जिस स्थान पर कार बहने की आशंका जताई जा रही थी, वहां वाहन नहीं मिला। तेज बहाव के कारण कार करीब 150 मीटर आगे बहकर 25 फीट गहरी जगह पर फंस गई थी।
विशेषज्ञ गोताखोरों ने निकाली कार
स्थानीय रेस्क्यू टीमों को लगातार असफलता मिलने के बाद परिजनों ने पंजाब के पटियाला से चार सदस्यीय विशेषज्ञ गोताखोर दल को बुलाया। गोताखोरों ने बुधवार दोपहर करीब 3:45 बजे पानी के भीतर खोज अभियान चलाकर कार का पता लगाया और संयुक्त रेस्क्यू टीम की मदद से रस्सियों के सहारे वाहन को बाहर निकाला।
कार के अंदर मिले दंपती के शव
कार के भीतर घोठला बड़े निवासी देवनारायण पटेल और उनकी पत्नी सविता पटेल के शव मिले। रविवार शाम लातनाला पुल पर हुए हादसे के बाद से डीडीआरएफ, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें लगातार तलाश अभियान चला रही थीं, लेकिन तेज बहाव और अधिक गहराई के कारण वाहन तक पहुंचना संभव नहीं हो पा रहा था।
उल्टी अवस्था में फंसी थी कार
विशेषज्ञ गोताखोर समीर मलिक ने बताया कि पानी के भीतर कार उल्टी अवस्था में फंसी हुई थी। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद संयुक्त रेस्क्यू टीम ने सावधानीपूर्वक वाहन को बाहर निकालने में सफलता हासिल की।

10 हजार से अधिक लोग पहुंचे घटनास्थल
विशेषज्ञ गोताखोरों के पहुंचने की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों से करीब 10 हजार लोग घटनास्थल पर जुट गए। ग्रामीणों ने रेस्क्यू अभियान में प्रशासन और बचाव दल का सहयोग किया, जिससे वाहन को बाहर निकालने का कार्य तेज़ी से पूरा किया जा सका।
पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव
प्रशासन ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल सारंगढ़ भेज दिया। इस दर्दनाक हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
Author: Khabri Chai
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